नहीं होगा अब कोई भी समझौता
ना होगी अब कोई वार्तालाप
नज़र जो कोई उठी अब भारत की ओर
बस मस्तक अब वो कटेगा
कई मुसीबतों और कुर्बानियों से
मिली हमे ये आज़ादी है
अपने प्राणों से भी प्रिये हमे है
अपने मुल्क की आज़ादी है
इसे मिटाने की साजिश रचने वाले
अब हमने भी चुप्पी तोड़ी है
देश धर्म की रक्षा के ख़ातिर
आतंकवाद की गर्दन मरोडी है
बंद करो अब ये नरसंहार
अब ना सहेंगे तेरा कोई भी वार
धमकी और आतंकवाद से
भारत का भाल झुका लोगे
यह मत समझो
गद्दारों की टोली लेकर
कश्मीर कभी हथिया लोगे
यह मत समझो
जब तक धरती अंबर होंगे
सूरज मे जब तक तेज रहेगा
जब तक गंगा की धार रहेगी
भारत का वर्चस्व बना रहेगा
#SwetaBarnwal
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