आ जाओ आज एक बार फिर से
कि ये दिल रो रहा है
छेड़ जाओ वो दिल के तार फिर से
कि ये दिल रो रहा है
बहुत चाहते थे जो हमे कभी
आज गुमनाम हो बैठे हैं
भर दो जीवन में वही रंग फिर से
कि ये दिल रो रहा है
तुम्हें पा कर खो दिया
या फिर तुम्हें कभी पाया ही ना था
इसी कश्मकश मे उलझी पड़ी है
ज़िन्दगी हमारी
आ जाओ आज एक बार फिर से
कि ये दिल रो रहा है...
#SwetaBarnwal
कि ये दिल रो रहा है
छेड़ जाओ वो दिल के तार फिर से
कि ये दिल रो रहा है
बहुत चाहते थे जो हमे कभी
आज गुमनाम हो बैठे हैं
भर दो जीवन में वही रंग फिर से
कि ये दिल रो रहा है
तुम्हें पा कर खो दिया
या फिर तुम्हें कभी पाया ही ना था
इसी कश्मकश मे उलझी पड़ी है
ज़िन्दगी हमारी
आ जाओ आज एक बार फिर से
कि ये दिल रो रहा है...
#SwetaBarnwal
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