जीवन देने वालों को भी
ये मौत बांटते फिरते हैं,
किस नस्ल की पैदाइश हैं ये
बुरे दौर में भी ये आतंकवाद फैलाए चलते हैं,
सारी दुनिया जिस virus के सामने
घुटने टेक कर बैठ गई,
हर विकसित देश भी जिस के आगे हुआ आज लाचार है,
लाशों का देखो कैसे चारों ओर लगा हुआ अंबार है,
भारत भी ईन सबसे भला
कहाँ रहा अछूता था,
स्थिति विकट ना हो जाए
सरकार ने तुरंत कदम कड़े उठाए
दिया आदेश lock-down का
आख़िर देश को बचाना था
नैया भँवर मे डोल रही थी
सकुशल पार लगाना था
स्थिति विकट थी, संसाधन सीमित
किया अनुमोदन देशवासियों से
करे अनुपालन कुछ बातों का
Social distancing का ध्यान रखें,
हाथों को हर पल sanitize करें,
ना निकलें घर से बाहर तब तक,
जब तक ना हो अति आवश्यक,
निकलो जब तुम घर से बाहर,
मुह पर मास्क और हाथों में दस्ताने हो
छोटी छोटी बातों पर जो ध्यान दिया जाता
मुमकिन है हर बाजी हम जीत ही जाते ,
कठिन ना था ये अमल करना,
आख़िर अपनी जिंदगी का था सवाल,
फ़िर क्यूँ आख़िर कुछ लोगों ने मचाया इस कदर बवाल,
जमात मे शामिल हुए, गुटबाजियां की,
चोरी छुपे मस्जिदों में पनाह ली
सरकार की हर रणनीति को दरकिनार किया,
Social gathering को बढ़ावा दे
इस virus को फैलने का मौका दिया,
और तो और जब आए ये सरकार की नज़र में,
हर ओर फ़िर भयानक कोहराम मचाया,
कहीं किसी पे थूका, तो कहीं किसी को पीटा,
Nurses से अश्लीलता की, डॉ की धुलाई की,
देश के प्रहरी को पीटा, मर्यादा की हर सीमा लांघी,
आख़िर मकसद क्या है इनका,
क्यूँ मौत का बेच रहे सामान हैं ये,
क्या ये zehad के अंगार नहीं,
क्या ये मानव बम का विस्तार नहीं,
क्या यही सिखाता है मजहब इनका,
क्या इनका कोई उपचार नहीं...
आख़िर कब तक यूँ ही हम सहते जाएंगे,
कब तक हम मुह की खायेंगे,
आख़िर कब तक हम चुप चाप रहेंगे,
कब तक ये मौत का नंगा खेल रचेंगे,
इनकी हिम्मत तब तक है
जब तक हम ख़ामोश खड़े हैं
जिस दिन हम हिम्मत कर आगे बढ़ जाएंगे
उस दिन Corona के साथ अंत इसका भी हो जाएगा...
जय श्री राम.... 🙏🚩
#SwetaBarnwal
ये मौत बांटते फिरते हैं,
किस नस्ल की पैदाइश हैं ये
बुरे दौर में भी ये आतंकवाद फैलाए चलते हैं,
सारी दुनिया जिस virus के सामने
घुटने टेक कर बैठ गई,
हर विकसित देश भी जिस के आगे हुआ आज लाचार है,
लाशों का देखो कैसे चारों ओर लगा हुआ अंबार है,
भारत भी ईन सबसे भला
कहाँ रहा अछूता था,
स्थिति विकट ना हो जाए
सरकार ने तुरंत कदम कड़े उठाए
दिया आदेश lock-down का
आख़िर देश को बचाना था
नैया भँवर मे डोल रही थी
सकुशल पार लगाना था
स्थिति विकट थी, संसाधन सीमित
किया अनुमोदन देशवासियों से
करे अनुपालन कुछ बातों का
Social distancing का ध्यान रखें,
हाथों को हर पल sanitize करें,
ना निकलें घर से बाहर तब तक,
जब तक ना हो अति आवश्यक,
निकलो जब तुम घर से बाहर,
मुह पर मास्क और हाथों में दस्ताने हो
छोटी छोटी बातों पर जो ध्यान दिया जाता
मुमकिन है हर बाजी हम जीत ही जाते ,
कठिन ना था ये अमल करना,
आख़िर अपनी जिंदगी का था सवाल,
फ़िर क्यूँ आख़िर कुछ लोगों ने मचाया इस कदर बवाल,
जमात मे शामिल हुए, गुटबाजियां की,
चोरी छुपे मस्जिदों में पनाह ली
सरकार की हर रणनीति को दरकिनार किया,
Social gathering को बढ़ावा दे
इस virus को फैलने का मौका दिया,
और तो और जब आए ये सरकार की नज़र में,
हर ओर फ़िर भयानक कोहराम मचाया,
कहीं किसी पे थूका, तो कहीं किसी को पीटा,
Nurses से अश्लीलता की, डॉ की धुलाई की,
देश के प्रहरी को पीटा, मर्यादा की हर सीमा लांघी,
आख़िर मकसद क्या है इनका,
क्यूँ मौत का बेच रहे सामान हैं ये,
क्या ये zehad के अंगार नहीं,
क्या ये मानव बम का विस्तार नहीं,
क्या यही सिखाता है मजहब इनका,
क्या इनका कोई उपचार नहीं...
आख़िर कब तक यूँ ही हम सहते जाएंगे,
कब तक हम मुह की खायेंगे,
आख़िर कब तक हम चुप चाप रहेंगे,
कब तक ये मौत का नंगा खेल रचेंगे,
इनकी हिम्मत तब तक है
जब तक हम ख़ामोश खड़े हैं
जिस दिन हम हिम्मत कर आगे बढ़ जाएंगे
उस दिन Corona के साथ अंत इसका भी हो जाएगा...
जय श्री राम.... 🙏🚩
#SwetaBarnwal
No comments:
Post a Comment