Sunday, 21 June 2020

रगों मे देश प्रेम और दिलों में जोश रहता है,
ये हिंद का सिपाही है, ये मौत से कब डरता है...

#SwetaBarnwal

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ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...