Saturday, 30 June 2018

क्यूँ नहीं महसूस होता है आज उसको मेरा दर्द #श्वेता, 
जिसने कहा था कभी बहुत अच्छे से जानता हूँ तुम्हें...

#SwetaBarnwal 

Thursday, 28 June 2018


होंगे कोई और जो डर जाए ज़िन्दगी से और रो दे,
हमने तो रोती ज़िन्दगी को भी हसना सिखाया है #श्वेता...

#SwetaBarnwal 
देख उनकी आंखें हम दुनिया भूल जाते हैं,
मुस्कुराहट उनकी हमारे होश उड़ा जाते हैं,
होगा दीदार उनका ख्वाबों में आज भी #श्वेता,
यही ख़्याल हमे हर रोज सुला जाते हैं...

#SwetaBarnwal 
जितना समझोगे ज़िन्दगी को 
उलझते चले जाओगे,
मुस्कुरा कर जो आगे बढ़े #श्वेता 
फ़िर बढ़ते ही चले जाओगे...

#SwetaBarnwal 
दिल से रोए मगर होठों से मुस्कुरा बैठे #श्वेता, 
खेल खेल में हम एक खिलाड़ी से दिल लगा बैठे...

#SwetaBarnwal 
ये तेरी सूजी हुई आँखें,
ये तेरी उड़ी हुई सी रंगत,
बयां कर रही है #श्वेता 
तेरे रात का फ़साना...

#SwetaBarnwal 
जितना समझोगे ज़िन्दगी को 
उलझते चले जाओगे,
मुस्कुरा कर जो आगे बढ़े #श्वेता 
फ़िर बढ़ते ही चले जाओगे...

#SwetaBarnwal 

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...