तुझसे ना जाने क्यूँ ऐसी चाहत हुई है,
हर पल तेरे आने की जैसे आहट हुई है,
तेरी याद मे ख़ुद को भी भूल जाने लगी हूँ,
तेरे ही ख्वाबों मे अब खोने लगी हूँ,
हर शय पे तेरा ही नाम लिखती और मिटाती हूँ,
तुझे चाहती थी अब पूजती भी हूँ,
है नाराज़ ख़ुदा भी अब मुझसे,
तेरे सज़दे मे जो सर झुकाने लगी हूँ,
बड़ी ही बेरुखी सी गुज़र रही थी जिंदगी अपनी,
तुझे पाकर अब जैसे मुस्कराने लगी है,
यूँ तो कोई शिकायत ना थी जिंदगी से मुझको,
पर कोई ख्वाहिश भी ना थी जीने की मुझको,
तू मिला तो जैसे खिल उठी हूँ मैं,
तेरे इश्क में अब मैं संवरने लगी हूँ,
तेरा साथ पाकर मुझे भी करार आने लगा है,
चाहत में तेरी इस जिंदगी से
मैं राहत के कुछ पल चुराने लगी हूँ,
तुझसे हर राज़ दिल के बताने लगी हूँ,
ना जाने तुझे क्यूँ इतना चाहने लगी हूँ,
तेरे इश्क के रंग में मैं जब से रंगी,
जीवन में हर रंग मेरे खिलने लगे,
तेरे इश्क का मुझ पर हुआ यूं असर है
दुनिया जहां मैं भुलाने लगी हूँ,
बड़ी उलझनें हैं बड़ी बेबसी है,
उल्फत मे मेरी जान ऐसे फंसी है,
तुझसे है चाहत तुझी से हर हसरत,
तेरे प्यार मे मैं यूँ दीवानी हुई,
जैसे राधा हो गई श्याम की...
#SwetaBarnwal
हर पल तेरे आने की जैसे आहट हुई है,
तेरी याद मे ख़ुद को भी भूल जाने लगी हूँ,
तेरे ही ख्वाबों मे अब खोने लगी हूँ,
हर शय पे तेरा ही नाम लिखती और मिटाती हूँ,
तुझे चाहती थी अब पूजती भी हूँ,
है नाराज़ ख़ुदा भी अब मुझसे,
तेरे सज़दे मे जो सर झुकाने लगी हूँ,
बड़ी ही बेरुखी सी गुज़र रही थी जिंदगी अपनी,
तुझे पाकर अब जैसे मुस्कराने लगी है,
यूँ तो कोई शिकायत ना थी जिंदगी से मुझको,
पर कोई ख्वाहिश भी ना थी जीने की मुझको,
तू मिला तो जैसे खिल उठी हूँ मैं,
तेरे इश्क में अब मैं संवरने लगी हूँ,
तेरा साथ पाकर मुझे भी करार आने लगा है,
चाहत में तेरी इस जिंदगी से
मैं राहत के कुछ पल चुराने लगी हूँ,
तुझसे हर राज़ दिल के बताने लगी हूँ,
ना जाने तुझे क्यूँ इतना चाहने लगी हूँ,
तेरे इश्क के रंग में मैं जब से रंगी,
जीवन में हर रंग मेरे खिलने लगे,
तेरे इश्क का मुझ पर हुआ यूं असर है
दुनिया जहां मैं भुलाने लगी हूँ,
बड़ी उलझनें हैं बड़ी बेबसी है,
उल्फत मे मेरी जान ऐसे फंसी है,
तुझसे है चाहत तुझी से हर हसरत,
तेरे प्यार मे मैं यूँ दीवानी हुई,
जैसे राधा हो गई श्याम की...
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