तुम जैसे हो... अच्छे हो...
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
कभी किसी के लिए खुद को बदलने की कोशिश ना करना,
छोड़ दो औरों की नज़र से ख़ुद को देखना,
छोड़ दो ज़माने की हर बात पे ध्यान देना,
हर एक को खुश रख पाना यहां मुमकिन नहीं,
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
इसने तो भगवान को भी ना छोड़ा, हम तो इंसान हैं
इसने तो माँ सीता के सतित्व पर भी सवाल उठाया था,
ना जाने पीठ पीछे कैसे कैसे इल्ज़ाम लगाया था,
राजा हरिश्चंद्र को भी अग्नि परीक्षा यहां देनी पडी थी,
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
कभी अपने उसूलों से सौदा ना करना,
कभी अपने अरमानों की आहुति मत देना,
कभी किसी और के लिए अपने मन को ना मारना,
यहां लोग पल भर में ना जाने कितने रंग बदलते हैं,
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
जब जो जी मे आए वो कह डालना,
जब जो जी मे आए वो कर गुज़रना,
बस इतना याद रखना तुम्हारी वज़ह से किसी की आँख में आंसू ना आए,
ख़ुश हो ना हो कोई तुम्हारी वज़ह से दुःखी ना हो,
बाकि जीना वैसे ही जैसे तुम्हारा दिल जाए,
भूल कर सारे जहाँ को बस आज मे जीना,
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
भीड़ से अलग निकल, ख़ुद की एक नई पहचान बना,
भरोसा रख ख़ुद पर कि एक नया आयाम बना,
फर्क़ नहीं पड़ता है कि तुम सौ बार नाकाम हुए,
जीत मिले ना मिले तजुर्बे तुझे हजार मिलेंगे,
जो तुम चुप चाप बैठ गए तो क्या होगा,
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
अपने अंदर के जज़्बे को संजो कर रखना,
बच्चे बनकर रहना सदा, समझदारों को अक्सर लुढकते देखा है,
बहुत जी लिया औरों के लिए, दो पल के लिए खुद से भी मिल लो,
थक गए होगे भागते भागते, दो पल के लिए सुस्ता तो लो,
पलट जाए शायद किस्मत तुम्हारी,
दो पल के लिए ही अपने प्रभु को मन में बसा तो लो...
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
तुम जैसे हो... अच्छे हो...
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
कभी किसी के लिए खुद को बदलने की कोशिश ना करना...
#SwetaBarnwal
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
कभी किसी के लिए खुद को बदलने की कोशिश ना करना,
छोड़ दो औरों की नज़र से ख़ुद को देखना,
छोड़ दो ज़माने की हर बात पे ध्यान देना,
हर एक को खुश रख पाना यहां मुमकिन नहीं,
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
इसने तो भगवान को भी ना छोड़ा, हम तो इंसान हैं
इसने तो माँ सीता के सतित्व पर भी सवाल उठाया था,
ना जाने पीठ पीछे कैसे कैसे इल्ज़ाम लगाया था,
राजा हरिश्चंद्र को भी अग्नि परीक्षा यहां देनी पडी थी,
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
कभी अपने उसूलों से सौदा ना करना,
कभी अपने अरमानों की आहुति मत देना,
कभी किसी और के लिए अपने मन को ना मारना,
यहां लोग पल भर में ना जाने कितने रंग बदलते हैं,
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
जब जो जी मे आए वो कह डालना,
जब जो जी मे आए वो कर गुज़रना,
बस इतना याद रखना तुम्हारी वज़ह से किसी की आँख में आंसू ना आए,
ख़ुश हो ना हो कोई तुम्हारी वज़ह से दुःखी ना हो,
बाकि जीना वैसे ही जैसे तुम्हारा दिल जाए,
भूल कर सारे जहाँ को बस आज मे जीना,
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
भीड़ से अलग निकल, ख़ुद की एक नई पहचान बना,
भरोसा रख ख़ुद पर कि एक नया आयाम बना,
फर्क़ नहीं पड़ता है कि तुम सौ बार नाकाम हुए,
जीत मिले ना मिले तजुर्बे तुझे हजार मिलेंगे,
जो तुम चुप चाप बैठ गए तो क्या होगा,
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
अपने अंदर के जज़्बे को संजो कर रखना,
बच्चे बनकर रहना सदा, समझदारों को अक्सर लुढकते देखा है,
बहुत जी लिया औरों के लिए, दो पल के लिए खुद से भी मिल लो,
थक गए होगे भागते भागते, दो पल के लिए सुस्ता तो लो,
पलट जाए शायद किस्मत तुम्हारी,
दो पल के लिए ही अपने प्रभु को मन में बसा तो लो...
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
तुम जैसे हो... अच्छे हो...
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
कभी किसी के लिए खुद को बदलने की कोशिश ना करना...
#SwetaBarnwal
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