Monday, 15 October 2018


चाहत में अगर शब्दों की चाशनी डाल दो,
फ़िर देखना मोहब्बत बढ़ती जाती है...

#SwetaBarnwal
देखो ना तेरी बेख्याली भी कमाल कर गई,
तुझे चाहने की चाहत इस दिल में ही मर गई...

#SwetaBarnwal 

Sunday, 14 October 2018

मोहब्बत है तो फ़िर ख़ामोश ना रहा करो,
अक्सर इन ख़ामोशियों मे कई रिश्ते दम तोड़ देते हैं...

#SwetaBarnwal 
ना तेरी तस्वीर, ना तेरा ख्याल,
ना तेरी याद और ना तेरा ख्वाब,
कुछ भी तो नहीं संजोया है मैंने तेरा,
फ़िर भी तेरे सिवा कुछ भी तो नहीं है यहाँ...

#SwetaBarnwal

हम तो कलम के जादूगर हैं
शब्दों से खेलते हैं,
जब भी मन मचलता है हमारा
दर्द मे भी सुनहरे ख्वाब बुनते हैं...

#SwetaBarnwal

ज़िंदगी तो गुज़र ही जाएगी अपने रफ़्तार से,
फ़िर चाहे कोई छूटे, कोई रूठे या ये दिल टूटे...

#SwetaBarnwal

इस जहाँ से अलग
हम नया दस्तूर बनाएंगे,
जो कभी किसी की ना पूरी हुई,
हम उसे मुकम्मल कर नई दास्तां लिख जाएंगे...
मोहब्बत की तो बात ही छोड़ो,
हम मौत को भी मोहब्बत के अंदाज़ सिखाएंगे...

#SwetaBarnwal

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...