हम तो कलम के जादूगर हैं
शब्दों से खेलते हैं,
जब भी मन मचलता है हमारा
दर्द मे भी सुनहरे ख्वाब बुनते हैं...
#SwetaBarnwal
शब्दों से खेलते हैं,
जब भी मन मचलता है हमारा
दर्द मे भी सुनहरे ख्वाब बुनते हैं...
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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