तेरी हर एक आवाज़ पे हम फिदा हैं,
इन्हें ख़ामोशियों में ना बांधों तुम,
हमारी मोहब्बत को किसी दायरे में ना समेटो तुम,
ये तो बेइंतहा, बेहिसाब और बेपनाह है...
#SwetaBarnwal
इन्हें ख़ामोशियों में ना बांधों तुम,
हमारी मोहब्बत को किसी दायरे में ना समेटो तुम,
ये तो बेइंतहा, बेहिसाब और बेपनाह है...
#SwetaBarnwal
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