बात बस इतनी सी है यारा
कि अब तुम तुम ना रहे,
ना वो बातें रही
ना वो मुलाकातें रही,
ना वो प्यार का एहसास
दिल में तेरे बाकी रहा,
ना वो अल्फाज़ रहे
ना वो जज़्बात रहे,
ना वो प्यार का मौसम रहा
ना वो अंदाज़-ए-बयां रहा,
बात बस इतनी सी है यारा
कि अब तुम तुम ना रहे,
ना वो तेरी चुहलबाजीयां रही,
ना वो मदमस्त निगाहें रही,
ना तेरी आँखों में वो चाहत रही,
ना उन आँखों में मेरे लिए तड़प रही,
कि अब तुम तुम ना रहे,
ना वो बातें रही
ना वो मुलाकातें रही,
ना वो प्यार का एहसास
दिल में तेरे बाकी रहा,
बात बस इतनी सी है यारा
कि अब तुम तुम ना रहे,
ना वो जज़्बात रहे,
ना वो प्यार का मौसम रहा
ना वो अंदाज़-ए-बयां रहा,
बात बस इतनी सी है यारा
कि अब तुम तुम ना रहे,
ना वो तेरी चुहलबाजीयां रही,
ना वो मदमस्त निगाहें रही,
ना तेरी आँखों में वो चाहत रही,
ना उन आँखों में मेरे लिए तड़प रही,
बात बस इतनी सी है यारा
कि अब तुम तुम ना रहे,
कभी तेरा भी दिल तड़पता था,
बेचैन होता था तू मेरे लिए,
इंतज़ार तुझे भी रहता था मेरे आने का,
अब तो बस बेरुखी का आलम है,
बात बस इतनी सी है यारा
कि अब तुम तुम ना रहे,
तेरी पनाहों में सुकून मिलता था मुझे,
तेरे दीदार को तरसता था ये मन,

No comments:
Post a Comment