Sunday, 14 October 2018

तुम मेरे हो...

मेरे मन के किसी कोने में छुपा एहसास हो तुम,
मेरे इस सूने से जीवन में प्यार की मिठास हो तुम,
जो अब तक मुझ तक ही सीमित था तुम भी जान लो,
तुम मेरे हो, सिर्फ़ मेरे, हाँ तुम सिर्फ़ और सिर्फ़ मेरे हो...

उलझी सी है ये जीवन बगिया, तुम उसके पालनहार हो,
भँवर में अटकी नैया अपनी, तुम उसके खेवनहार हो,
महसूस किया करती हूँ मैं हरदम हर पल जिसको,
तुम मेरे हो, सिर्फ़ मेरे, हाँ तुम सिर्फ़ और सिर्फ़ मेरे हो...

रास्ता भी तुम हो मेरे सफ़र की मंज़िल भी तुम ही हो,
तुम सागर हो मेरे मन का और मैं तेरा किनारा हूँ,
मेरा जीवन बिखरा सा, और तुम सुनहरा धूप सा,
तुम मेरे हो, सिर्फ़ मेरे, हाँ तुम सिर्फ़ और सिर्फ़ मेरे हो...

एक सादगी सी बातों में, एक चाहत का एहसास लिए,
एक अनजाना सा बंधन है, दिल में प्यार का पैगाम लिए,
एक ख़ामोशी सी छाई है, फिर भी हर बार यही दुहराता है,
तुम मेरे हो, सिर्फ़ मेरे, हाँ तुम सिर्फ़ और सिर्फ़ मेरे हो...

जन्मों का ये बंधन है, कोई किस्मत की बात नहीं,
हम तुम मिलते आएंगे, कोई दो पल का ये साथ नहीं,
मेरे लफ्ज़ मेरी कविता हो तुम, मेरे इश्क़ की गीता हो तुम,
हाँ तुम मेरे हो, सिर्फ़ मेरे, हाँ तुम सिर्फ़ और सिर्फ़ मेरे हो...

#SwetaBarnwal











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