Tuesday, 30 October 2018

Ham वफ़ा की कोई मुरत to नहीं,
Par वादा है बेवफ़ाई की सौगात ना देंगे कभी...

No comments:

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...