Monday, 15 October 2018

तुम...

जब से हिस्सा बन गए हो तुम
मेरे अफसाने का,
एक मज़ा सा आ गया है
मेरे जीने मे,
अल्फाज़ों को अब हम
जोड़ने लगे,
तेरे मोहब्बत के गीत हम
गुनगुनाने लगे,
हर वक़्त यूँ तुम मुझ मे
समाए से रहते हो,
एक नशा सा जैसे मुझपर
छाया सा रहता है,
जो कभी दुहरा ना सकूँ
वो गीत बन गए हो,
मेरे इस मन के तुम जैसे
मीत बन गए हो,
जीवन बगिया के सुमधुर
संगीत बन गए हो,
जो कभी ना जुदा हो पाए
वो जान बन गए हो ...

#SwetaBarnwal






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