Tuesday, 23 October 2018

मोहब्बत का तेरे कर्ज हम कुछ इस तरह से अदा करेंगे,
तुम यादों में शामिल करोगे और हम रूबरू हो जाएंगे...

#SwetaBarnwal

मोहब्बत मे उन्होने जब
हमसे हिसाब मांगा,
हमने भी कह दिया
मोहब्बत तो छोड़ो
सिर्फ मेरे आँसुओं का
जो हिसाब लगा
तो कर्जदार हो कर
रह जाओगे...

#SwetaBarnwal

ये दामन है एक खूबसूरत सफ़ेद चादर सी,
कोई हवा भी गुज़रे तो कालिख सी लग जाती है...

#SwetaBarnwal
ज़िंदगी की मसरूफ़ीयत मे तुम इतने भी मसरूफ़ ना हो जाओ, 
जो तुझ पर दिल-ओ-जान से मरते हैं उन को ही वक़्त देना भूल जाओ...
शायद ये मसरूफ़ीयत ले जाए तुम्हें तुम्हारी मंज़िल पर,
पर कहीं ऐसा ना हो तुम अपनों से बहुत दूर हो जाओ... 

#SwetaBarnwal

Monday, 22 October 2018

हर लम्हा तेरे इश्क का पैगाम दे रहा है,
ये तेरा झूठा इज़हार मेरी जान ले रहा है।

#SwetaBarnwal 

ना मिलने की खुशी
ना बिछड़ने का गम,
फ़िर भी हम तुझसे
बेइन्तेहां मोहब्बत
करते हैं सनम...

#SwetaBarnwal

मन नहीं करता...

ज़िन्दगी क्या थी अब क्या हो गई,
जो चाहा वो कभी पाया नहीं
और जो पाया उसे चाहना आया नहीं,
अब तो और कुछ पाने का मन नहीं करता,

रोते रोते हंस दिया करते थे कभी
अब तो मुस्कुराने का भी मन नहीं करता,

लुटाई थी जिसकी चाहत में हर आरज़ू
अब तो उसे भी चाहने का मन नहीं करता,

क्या क्या ना ख्वाब सजाए थे आँखों ने
अब उन ख्वाबों को देखने का भी मन नहीं करता,

हर आहट पे चौंक उठते थे कभी
अब तो बस पथराई सी आँखें हैं
ना जाने शून्य में किसकी तलाश है
अब और किसी से दिल लगाने का मन नहीं करता,

तेरी चाहत में इस कदर मगरूर हो गए हम
अब किसी और को अपना बनाने का मन नहीं करता,

जाओ जी लो तुम अपनी ज़िंदगी यारा
हमे तो अब और जीने का भी मन नहीं करता...

#SwetaBarnwal

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...