Thursday, 31 May 2018



ये आँखे जाल सी है #श्वेता,
जितना देखोगे उलझते जाओगे...

#SwetaBarnwal

Wednesday, 30 May 2018

पूछ लो रातों से
तुम्हारी याद से पहले, 
नींद को भी आने की 
इज़ाज़त ना दी हमने...

#SwetaBarnwal
कैसी है ये छुअन तेरी,
बिन छुए मुझमे समाते चले गए...

#SwetaBarnwal
जिम्मेदारियां ने बूढ़ा बना दिया,
वर्ना दिल तो आज भी बच्चा है...

#SwetaBarnwal 


इतनी जल्दी हम इस दुनिया से नहीं जाएंगे, 
हम चले गए तो सैकड़ों दिल विरान हो जाएंगे...

#SwetaBarnwal
हमने दिए थे कल जिन्हें अपनी झोली के फूल बड़े अरमान से,
वो लुटा आए उन फूलों को किसी और की महफ़िल में बड़ी शान से...

#SwetaBarnwal
समेट लो इन खुशबुओं को अपने दामन में आज,
ऐसा ना हो कल तुम फ़ुर्सत में रहो और हम ना रहें...

#SwetaBarnwal

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...