Wednesday, 31 October 2018

अधूरी मोहब्बत... 😒

नज़रों से दूर मग़र दिल के करीब था वो,
मिल कर जो बिछड़ा मेरा नसीब था वो,
चाहत थी ताउम्र साथ निभाने की जिसकी,
चार कदम भी मेरे साथ चल ना पाया वो,
ना पाने की आरज़ू ना बिछड़ने का कोई गम,
प्यारा सा रिश्ता अपना बड़ा अजीब था वो,
कभी मेरी बातों में कभी यादों में मौजूद था,
कभी मेरे आँसुओं मे कभी मुस्कान मे था वो,
मेरी साँसों में था कभी मेरी रूह में समाया था,
ना था तो बस किस्मत की लकीरों मे ना था वो,
बेइंतहा चाहत थी पाने की कोई आरज़ू नही,
अनजान थे रास्ते दिल मे कोई जुस्तजू नहीं,
नज़रों से दूर मग़र दिल के करीब था वो,
मिल कर जो बिछड़ा मेरा नसीब था वो...

#SwetaBarnwal



Tuesday, 30 October 2018

दगा देने वाले भी वफ़ा की बात कर गए,
हम रोते रह गए और वो पार उतर गए...

#SwetaBarnwal
मेरी ज़िन्दगी का वो पन्ना
जिस पर तेरा नाम लिखा था,
आज अपने ही हाथों तूने
उसे जला कर खाक कर दिया...

#SwetaBarnwal 
जान तुम अपनी संभाल कर रखना,
ये तुम्हारे पास हमारी अमानत है,
दे सको तो अपनी जिंदगी का दो पल देना,
इससे ज्यादा और ना कोई चाहत है...

#SwetaBarnwal
जिस पल तुमसे मिले थे कभी हम,
वो पल आज भी तेरी याद मे गुज़ारते हैं हम...

#SwetaBarnwal
Ham वफ़ा की कोई मुरत to नहीं,
Par वादा है बेवफ़ाई की सौगात ना देंगे कभी...
आँखों में बसा कर
कोई हमे नज़रों से गिरा ना दे,
बहुत डरते हैं हम
कोई अपना बना के भुला ना दे

#SwetaBarnwal

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...