Sunday, 15 March 2020

इन आँखों में कुछ अरमान जगा दिया करते हैं,
चुपके से वो हमारी नींदें चुरा लिया करते हैं,
इतनी बार तो वो साँसें भी न लेते होंगे,
जितनी बार हम उनको याद किया करते हैं...

#SwetaBarnwal
इन आँखों में कुछ अरमान जगा दिया करते हैं,
चुपके से वो हमारी नींदें चुरा लिया करते हैं,
इतनी बार तो वो साँसें भी न लेते होंगे,
जितनी बार हम उनको याद किया करते हैं...

#SwetaBarnwal
हम तो खुशबु हैं जनाब,
हवाओं से उलझना फितरत है हमारी...
बिखरने का डर फूलों को होगा,
बिखर कर निखरने की आदत है हमारी...

#SwetaBarnwal
फूलों को डर है कि
वो मुरझा कर गिर जाएंगे,
हम तो खुशबु हैं #श्वेता,
हवाओं में बिखरे तो निखर जाएंगे...

#SwetaBarnwal 
राह-ए-वफ़ा में हम को ख़ुशी की तलाश थी,
दो कदम ही चले थे कि हर कदम पे रो पड़े।

#SwetaBarnwal 
हर बात महसूस हो जाए #श्वेता
मुमकिन तो नहीं,
वो ख़ुद इज़हार-ए-मोहब्बत कर जाएं
तो ऐतराज़ किसको है...

#SwetaBarnwal 
जितनी खूबसूरती से लोग रिश्ते बनाते हैं #श्वेता,
उतनी ही शिद्दत से क्यूँ लोग यहां भूल जाते हैं...

#SwetaBarnwal 

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...