मेरे वज़ूद से सिमटी खुशबू किसी के नाम की है,
मेरी हर धड़कन किसी के नाम की है,
सांसें तो बड़ी देर लेती है आने जाने मे,
मेरी तो ये रूह भी किसी के नाम की है...
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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