हर किसी को यहां सच्ची मोहब्बत नहीं मिलती,
बारिश की बूंदों मे भी आँसुओं को देख ले वो नज़र नहीं मिलती...
#SwetaBarnwal
बारिश की बूंदों मे भी आँसुओं को देख ले वो नज़र नहीं मिलती...
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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