Wednesday, 22 January 2020

कौन कहता है कि हमें आज़ादी चरखे ने दिलाई है,
बेवकूफ़ थे क्या वो लोग जिन्होंने अपने सीने पे गोली खाई है...
मांगने से तो एक तिनका भी हासिल नहीं होता यहां,
फ़िर किसने यहां ये झूठी अफ़वाह  फैलाई है ...
जय हिंद... 🙏🚩

#SwetaBarnwal 

Friday, 10 January 2020

ज़िंदगी...,

अपनी ज़िंदगी की आज मैं किस्से सुनाता हूँ,
बीते हुए लम्हों की उसमें मैं मोती पिरोता हूँ,
कभी मेरी ज़िंदगी में खुशियों का तराना था,
आज तो बस खुशियों का बहाना है,
खुल कर हंसा करता था कभी,
आज बस दिखावे की हंसी रखता हूँ,
आँसुओं को अपने पलकों के पीछे छुपाता हूँ,
दर्द को अपने मैं इस दुनिया से छुपाता हूँ,
ना चाहूँ फ़िर भी बेबाक हंसता हूँ,
इस हंसी के पीछे हर तकलीफ़ छुपाता हूँ,
ख़ुशी बांट कर ख़ुद के लिए ग़म संजोता हूँ,
महफ़िल में रह कर भी ख़ुद को तन्हा पाता हूँ,
अपनों के बीच भी बेगाना बना रहता हूँ,
जिसे भी चाहा उससे दूर हुआ जाता हूँ,
अकेले जब भी होता हूँ
बीते लम्हों को मैं याद करता हूँ,
ज़िम्मेदारियों के बोझ ने मुझको बुढ़ा बना दिया,
पर आज भी दिल में अपने मैं बचपना संजोता हूँ,
बहुत दूर आ चुका हूँ मैं चलते चलते,
अब थोड़ी देर के लिए मैं सुस्ताना चाहता हूँ,
कोई सम्भाल ले मुझको अपने पनाहों मे,
अब और नहीं ज़िंदगी से मैं टकराना चाहता हूँ...


#SwetaBarnwal 
लगा के आग ख्वाहिशों को दिल को एक पल का सुकून ना आया,
जला जो आशियां किसी का करार मिल गया...

#SwetaBarnwal 

Wednesday, 18 December 2019

भूली बिसरी यादें...

ख़ामोशियों को समझ जाया करते कभी,
ना जाने क्यूँ अब लफ़्ज़ों की ज़रूरत पड गई,
बातें जो कहनी थी सारी अनकही रह गई,
तुम जैसे थे अब वैसे ना रह गए,
थोड़ा वक्त बदल गया थोड़े हालात बदल गए,
ना जाने कैसे पास से अब दूर हम हो गए,

मोहब्बत बस अब अल्फाज़ बन कर रह गए,
दरमियाँ बस अब हमारे ख़ामोशियों रह गई,
कुछ मिल गया कुछ मिल कर खो गया,
जाने कहाँ अब वो लम्हा खो गया,
अब ना कोई आरजू दिल में रह गई,
जिसे चाहा था कभी वो किसी और के हो गए,

मुद्दतों बाद आज यूँ ही एक अनजाने मोड़ पर
उनसे अचानक मुलाकात हो गई,
सांसे रुकने लगी, होंठ सिलने लगे,
सदियों पुराने दिन ना जाने क्यूँ आज फ़िर याद आने लगे,
जो कहते थे कभी ना छोड़ेंगे हाथ तेरा,
वो आज बहुत दूर नज़र आने लगे,

देखते ही उनको आँखे ना जाने क्या बयां कर गई,
बात दिल की जो थी दिल में ही रह गई,
लब हिले भी नहीं और बात हो गई,
जो करनी थी शिकायत जाने कहाँ खो गई,
कुछ अधूरे से तुम कुछ अधूरे से हम,
मिली नजरों से नज़र और बात हो गई,

बातें कहनी थी बहुत अब अनकही रह गई,
सदियों का रिश्ता पल में सिमट कर रह गया,
कही अनकही, सुनी अनसुनी सब भूल कर,
फ़ेर लिया मुह हमने भी अब अतीत से, 
जो छोड़ गए थे साथ उसे रस्ते में छोड़ आए हम,
कल को दफन कर अपने आज से रिश्ता जोड़ आए हम...


#SwetaBarnwal


Monday, 16 December 2019

ज़िंदगी... हर पल घटेगी...

कभी मुस्कान में बितेगी
कभी आँसुओं मे कटेगी
ये जिंदगी है दोस्तों
हंसो या रोओ
हर पल घटेगी...
यूँ तो ख़्वाहिशें बहुत है
और पाने की उम्मीदें भी,
मालूम है
कुछ जाएगा नही साथ,
फ़िर भी चिंताएं लिए फिरते हैं हजार,
ये जिंदगी है दोस्तों
हंसो या रोओ
हर पल घटेगी...
चाहे जितनी पैबंद लगा लो
जिंदगी की जेब में,
फ़िर भी निकल ही जाते हैं
खुशियों के चंद लम्हें
ये जिंदगी है दोस्तों
हंसो या रोओ
हर पल घटेगी...
ज़िंदगी का अपना
बस इतना सा ही फ़साना है,
आज है दर्द
तो कल ख़ुशी का खज़ाना है,
ये जिंदगी है दोस्तों
हंसो या रोओ
हर पल घटेगी...
एक दूसरे के मन को टटोलते रहिए,
है क्या दिलों में सबके जानते रहिए,
मुलाकातें हो ना हो रिश्ता ज़िंदा रहे,
दिलों में सबके मोहब्बत जिंदा रहे,
ये जिंदगी है दोस्तों
हंसो या रोओ
हर पल घटेगी...


#SwetaBarnwal 

तुम जैसे हो... अच्छे हो...

तुम जैसे हो... अच्छे हो...
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,

कभी किसी के लिए खुद को बदलने की कोशिश ना करना,
छोड़ दो औरों की नज़र से ख़ुद को देखना,
छोड़ दो ज़माने की हर बात पे ध्यान देना,
हर एक को खुश रख पाना यहां मुमकिन नहीं,

ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,

इसने तो भगवान को भी ना छोड़ा, हम तो इंसान हैं
इसने तो माँ सीता के सतित्व पर भी सवाल उठाया था,
ना जाने पीठ पीछे कैसे कैसे इल्ज़ाम लगाया था,
राजा हरिश्चंद्र को भी अग्नि परीक्षा यहां देनी पडी थी,

ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,

कभी अपने उसूलों से सौदा ना करना,
कभी अपने अरमानों की आहुति मत देना,
कभी किसी और के लिए अपने मन को ना मारना,
यहां लोग पल भर में ना जाने कितने रंग बदलते हैं,

ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,

जब जो जी मे आए वो कह डालना,
जब जो जी मे आए वो कर गुज़रना,
बस इतना याद रखना तुम्हारी वज़ह से किसी की आँख में आंसू ना आए,
ख़ुश हो ना हो कोई तुम्हारी वज़ह से दुःखी ना हो,
बाकि जीना वैसे ही जैसे तुम्हारा दिल जाए,
भूल कर सारे जहाँ को बस आज मे जीना,

ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,

भीड़ से अलग निकल, ख़ुद की एक नई पहचान बना,
भरोसा रख ख़ुद पर कि एक नया आयाम बना,
फर्क़ नहीं पड़ता है कि तुम सौ बार नाकाम हुए,
जीत मिले ना मिले तजुर्बे तुझे हजार मिलेंगे,
जो तुम चुप चाप बैठ गए तो क्या होगा,

ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,

अपने अंदर के जज़्बे को संजो कर रखना,
बच्चे बनकर रहना सदा, समझदारों को अक्सर लुढकते देखा है,
बहुत जी लिया औरों के लिए, दो पल के लिए खुद से भी मिल लो,
थक गए होगे भागते भागते, दो पल के लिए सुस्ता तो लो,
पलट जाए शायद किस्मत तुम्हारी,
दो पल के लिए ही अपने प्रभु को मन में बसा तो लो...

ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,

तुम जैसे हो... अच्छे हो...
ये दुनिया है...हर बात में नुक्स निकालती है,
कभी किसी के लिए खुद को बदलने की कोशिश ना करना...

#SwetaBarnwal




Thursday, 12 December 2019

साथ...

साथ मिलकर चलते हैं ना,
सपनों में ही रहते हैं ना,
कुछ तुम कह लेना
कुछ हम सुन लेंगे,
प्यार की एक नई
मुरत हम मिलकर गढ़ेंगे,
देखें सपने एक जैसे
बंधे हुए हैं एक ही डोर से,
रहे हाथों में अब हाथ तेरा,
छूटे कभी ना साथ तेरा,
एक दूजे के हो जाएं हम,
एक दूजे मे खो जाएं हम,
साथ कभी ना छोड़ेंगे हम,
ये वादा कभी ना तोड़ेंगे हम,
टूट जाए चाहे साँसों की डोर,
मुह कभी ना मोड़ेंगे हम,
चलो चलें हम साथ
एक ऐसे जहां मे
ज़िंदगी गुजरे जहाँ
एक दूसरे के पनाह मे...


#SwetaBarnwal



ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...