बस एक दिन मे ना बांधों तुम नारी के सम्मान को,
गर दे सकते हो तो दे दो पंख उनके स्वाभिमान को...
महिला दिवस के एक दिन के लिए जो है वंदनीय,
भला क्यूँ रहे वो 364 दिन निंदनीय...
#SwetaBarnwal
गर दे सकते हो तो दे दो पंख उनके स्वाभिमान को...
महिला दिवस के एक दिन के लिए जो है वंदनीय,
भला क्यूँ रहे वो 364 दिन निंदनीय...
#SwetaBarnwal
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