बेहद बेइंतहा बेपनाह चाहते हैं हम तुम्हें
तुम्हें चाहने की कोई वजह नहीं
तुझको चाहूँ तुझको ही पुजूं
तुझे दिल में बसाने की कोई वजह नहीं
कई हसरतें हैं दिल में तुझको लेकर
मुकम्मल हो जाए, ऐसा मुमकिन नहीं
तुझसे मोहब्बत है कह दूँ जमाने से
मगर कुछ और खोने की अब हसरत नहीं
मिल जाए गर साथ तेरा ज़िंदगी रौनक हो जाए
वर्ना तो इसमे रंग अब कोई बाकि नहीं...
#SwetaBarnwal
तुम्हें चाहने की कोई वजह नहीं
तुझको चाहूँ तुझको ही पुजूं
तुझे दिल में बसाने की कोई वजह नहीं
कई हसरतें हैं दिल में तुझको लेकर
मुकम्मल हो जाए, ऐसा मुमकिन नहीं
तुझसे मोहब्बत है कह दूँ जमाने से
मगर कुछ और खोने की अब हसरत नहीं
मिल जाए गर साथ तेरा ज़िंदगी रौनक हो जाए
वर्ना तो इसमे रंग अब कोई बाकि नहीं...
#SwetaBarnwal