Saturday, 29 September 2018

इज़हार...

कभी भूले से हमारी गली भी आ जाया करो,
इतनी बेरुखी भी अच्छी नहीं होती,
कभी फ़ुर्सत निकाल कर हमसे भी हाल पूछ लो,
इतनी व्यस्तता भी अच्छी नहीं होती,
हर बार मैं ही कहती रहती हूँ तुमसे,
कभी तुम भी तो कह दो "तुम्हारी बहुत याद आती है"
जानती हूँ बहुत प्यार है तुम्हें हमसे,
कभी अपने होठों से इज़हार-ए-मोहब्बत होने तो दो...


#SwetaBarnwal

प्रेम...

प्रेम
झलकता मातृत्व है,
बहना की राखी है,
भाई का प्यार है,
दोस्तों की दोस्ती है...

प्रेम
समर्पण है सादगी है,
सच्चाई है आस्था है,
प्रेम दो आत्माओं का मिलन है
प्रेम ज़िंदगी है...

प्रेम
माँ की लोरी है,
पिता की डांट है,
भाई बहन की नोंक झोंक है,
दोस्तों की शरारत है...

प्रेम
कान्हा की बांसुरी की तान है,
प्रभु राम का बलिदान है,
सीता माता का मान है,
राधा का त्याग है
तो मीरा का अभिमान है...

प्रेम
प्रेम और कुछ नहीं,
प्रेम तो बस प्रेम है,
अल्फाज़ों से परे,
भावनाओं का अद्भुत संगम है...

प्रेम
जो दिखता कहीं नहीं है,
पर होता हर जगह है,
सृष्टि का सार है ये,
जीवन का श्रृंगार है ये,
प्रेम तो बस प्रेम है,
दूसरा इसका कोई आधार नहीं...


#SwetaBarnwal

Wednesday, 26 September 2018

जाने किस बात की यारों वो हमे सज़ा दे जाता है,
जो मेरे फसाने का ही नहीं रूह का भी हिस्सा बन बैठा है...

#SwetaBarnwal
लौट कर आने वालों का दिल से हम करेंगे स्वागत,
वरना तो हम अपने शहर के खुद हैं बादशाह...

#SwetaBarnwal
उम्मीद ना रख किसी से इस दुनिया में मोहब्बत की,
बड़े गहरे ज़ख़्म दे जाते हैं शिद्दत से चाहने वाले...

#SwetaBarnwal

किसी को हम चाहें तो बेइंतहा चाहते हैं,
दुनिया में हम उसे सबसे प्यारा मानते हैं,
पर जाने वाले को हम कभी रोकते नहीं,
क्यूंकि जिसे कद्र है वो लौट कर आयेगा,
और जिसे कोई कद्र नहीं है मेरी
वो लौट कर भी अपना ना बन पाएगा...

#SwetaBarnwal

Tuesday, 25 September 2018

क्यूँ...

जिसे चाहो वही रुलाता क्यूँ है,
पास आकर वो दूर जाता क्यूँ है,
जिसे कूदरत ने लिखा नहीं तकदीर में,
उसी से मोहब्बत कराता क्यूँ है...
जिसे टूट कर चाहो वही तोड़ जाता क्यूँ है,
इश्क़ मे तन्हा छोड़ जाता क्यूँ है,
जिसे हम बसाते हैं इस दिल में
वही हमे रुसवा कर जाता क्यूँ है,
हंसाने का वादा कर रुला जाता क्यूँ है,
प्यार की राहों में अंधेरा छाता क्यूँ है,


#SwetaBarnwal

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...