कभी भूले से हमारी गली भी आ जाया करो,
इतनी बेरुखी भी अच्छी नहीं होती,
कभी फ़ुर्सत निकाल कर हमसे भी हाल पूछ लो,
इतनी व्यस्तता भी अच्छी नहीं होती,
हर बार मैं ही कहती रहती हूँ तुमसे,
कभी तुम भी तो कह दो "तुम्हारी बहुत याद आती है"
जानती हूँ बहुत प्यार है तुम्हें हमसे,
कभी अपने होठों से इज़हार-ए-मोहब्बत होने तो दो...
#SwetaBarnwal
इतनी बेरुखी भी अच्छी नहीं होती,
कभी फ़ुर्सत निकाल कर हमसे भी हाल पूछ लो,
इतनी व्यस्तता भी अच्छी नहीं होती,
हर बार मैं ही कहती रहती हूँ तुमसे,
कभी तुम भी तो कह दो "तुम्हारी बहुत याद आती है"
जानती हूँ बहुत प्यार है तुम्हें हमसे,
कभी अपने होठों से इज़हार-ए-मोहब्बत होने तो दो...
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