बातें तेरी खुब है,
पर बातों से अब ये दिल भरता नहीं,
मिलते तो कई हैं इस जमाने में,
पर कोई और अब इस दिल मे बस्ता नही...
#SwetaBarnwal
पर बातों से अब ये दिल भरता नहीं,
मिलते तो कई हैं इस जमाने में,
पर कोई और अब इस दिल मे बस्ता नही...
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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