Monday, 24 September 2018

तुम...

मेरी शायरी के अल्फाज़ हो तुम,
मेरे दिलबर मेरे हमराज़ हो तुम,
मेरी खुशियों का आगाज़ हो तुम,
मेरी हर महफ़िल की शान हो तुम,
मेरी खुशियों की पहचान हो तुम,
मेरे दिल का अधूरा अरमान हो तुम,
ऐ यार..! मेरी खूबसूरत जान हो तुम,
मेरे बिखरे सुरों का साज़ हो तुम,
मेरे दिल में छुपा एक राज़ हो तुम...


#SwetaBarnwal 

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