Friday, 21 September 2018

कभी फ़ुर्सत में भी तुझे ये ख़्याल ना आया,
किसी ने तुझे अपनी ज़िंदगी से बढ़ कर है मना...

#SwetaBarnwal 

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ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...