Saturday, 15 September 2018

फ़र्क नहीं पड़ता अब तेरे होने ना होने से,
सीख लिया है मैंने भी तेरे बिना अब जीना...

#SwetaBarnwal 

No comments:

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...