किसी ने कहा मुझसे ;
तुझे क्या कहूं तू है मरहबा. तेरा हुस्न जैसे है मयकदा
मेरी मयकशी का सुरूर है, तेरी हर नजर तेरी हर अदा...
तो हमने भी कह दिया ;
ये कोई जलवा नहीं है मेरे हुस्न का,
ये तो बस इनायत है आपके नज़र-ओ-करम की...
#SwetaBarnwal
तुझे क्या कहूं तू है मरहबा. तेरा हुस्न जैसे है मयकदा
मेरी मयकशी का सुरूर है, तेरी हर नजर तेरी हर अदा...
तो हमने भी कह दिया ;
ये कोई जलवा नहीं है मेरे हुस्न का,
ये तो बस इनायत है आपके नज़र-ओ-करम की...
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