जब भी चाहा तूने
इस दिल से खेल लिया,
दिल से दिल मिलाकर
तूने इस दिल को तोड़ दिया,
ये दिल है दिल मेरा
कोई धर्मशाला नहीं,
जब चाहा दिल बहलाया
जब जी भर गया चल दिए,
कब तक तेरी ख्वाहिशों पे
खुद को लुटाती रहूँ,
कब तक मैं अपने दिल को
यूँ ही समझाती रहूँ,
तुझे अपने सर का
सरताज बनाया हमने,
हर आरज़ू को तेरी
अपने दिल से लगाया हमने,
तुझ पे आकर बिखर जाती हूँ मैं,
वरना किसी और का गुज़ारा नहीं,
गर जाने की ज़िद ठानी है तुमने,
चले जाओ ये दिल है मेरा आवारा नहीं,
बेवफ़ाई का इल्ज़ाम मुझपे लगा जाओ,
तुझे हर इल्ज़ाम से आज़ाद करती हूँ,
इश्क़ किया है तुझसे बेइंतहा मैंने,
तुझे अपने आप से मैं आज़ाद करती हूँ...
#SwetaBarnwal
इस दिल से खेल लिया,
दिल से दिल मिलाकर
तूने इस दिल को तोड़ दिया,
ये दिल है दिल मेरा
कोई धर्मशाला नहीं,
जब चाहा दिल बहलाया
जब जी भर गया चल दिए,
कब तक तेरी ख्वाहिशों पे
खुद को लुटाती रहूँ,
कब तक मैं अपने दिल को
यूँ ही समझाती रहूँ,
तुझे अपने सर का
सरताज बनाया हमने,
हर आरज़ू को तेरी
अपने दिल से लगाया हमने,
तुझ पे आकर बिखर जाती हूँ मैं,
वरना किसी और का गुज़ारा नहीं,
गर जाने की ज़िद ठानी है तुमने,
चले जाओ ये दिल है मेरा आवारा नहीं,
बेवफ़ाई का इल्ज़ाम मुझपे लगा जाओ,
तुझे हर इल्ज़ाम से आज़ाद करती हूँ,
इश्क़ किया है तुझसे बेइंतहा मैंने,
तुझे अपने आप से मैं आज़ाद करती हूँ...
#SwetaBarnwal
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