ऐ ख़ुदा...!
कहीं कबूल ना हो जाए दुआ मेरी,
कहीं लौटकर वापस मेरी ज़िन्दगी में
मिटा ना दे वो इंतज़ार का मज़ा...
#SwetaBarnwal
कहीं कबूल ना हो जाए दुआ मेरी,
कहीं लौटकर वापस मेरी ज़िन्दगी में
मिटा ना दे वो इंतज़ार का मज़ा...
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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