बिठा कर अपने कांन्धे पर
जिसने हमे दुनिया दिखलाई,
लाख आई राहों में मुसिबतें पर,
उनके चेहरे पर एक शिकन ना आई,
हर मुश्किलों मे हौसला बढ़ाया,
आँधियों से जिसने लड़ना सिखाया,
जिनके साये मे महफूज़ गुज़री है ज़िंदगी,
वही तो हैं पिता हमारे...
#SwetaBarnwal
जिसने हमे दुनिया दिखलाई,
लाख आई राहों में मुसिबतें पर,
उनके चेहरे पर एक शिकन ना आई,
हर मुश्किलों मे हौसला बढ़ाया,
आँधियों से जिसने लड़ना सिखाया,
जिनके साये मे महफूज़ गुज़री है ज़िंदगी,
वही तो हैं पिता हमारे...
#SwetaBarnwal
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