Thursday, 20 September 2018

तुझसे जो हमने मोहब्बत कर ली,
ख़ुद से ख़ुद को बेगाना कर लिया...
क्या इसी को इश्क़ कहते हैं लोग,
तुझसे मिलकर सबसे अनजाना कर दिया...

#SwetaBarnwal 

No comments:

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...