चल छोड़ दे ये ज़िद अब
कि मिटा दे सारे रंज-ओ-गम,
खो जाएं एक दूजे के बाहों में,
छोड़ इस दुनिया का भरम...
#SwetaBarnwal
कि मिटा दे सारे रंज-ओ-गम,
खो जाएं एक दूजे के बाहों में,
छोड़ इस दुनिया का भरम...
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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