Tuesday, 25 September 2018

क्यूँ...

जिसे चाहो वही रुलाता क्यूँ है,
पास आकर वो दूर जाता क्यूँ है,
जिसे कूदरत ने लिखा नहीं तकदीर में,
उसी से मोहब्बत कराता क्यूँ है...
जिसे टूट कर चाहो वही तोड़ जाता क्यूँ है,
इश्क़ मे तन्हा छोड़ जाता क्यूँ है,
जिसे हम बसाते हैं इस दिल में
वही हमे रुसवा कर जाता क्यूँ है,
हंसाने का वादा कर रुला जाता क्यूँ है,
प्यार की राहों में अंधेरा छाता क्यूँ है,


#SwetaBarnwal

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