Monday, 17 September 2018

जी चाहता है...

तेरी इन आँखों में उतर जाने को जी चाहता है, 
तेरे इश्क़ मे यूँ हद से गुजर जाने को जी चाहता है,

मयकशी सी हैं ये दोनों आँखें तेरी,
डूब कर इसमें नशे में झूम जाने को जी चाहता है, 

एक बार अपनी बाहों में टूट कर बिखर जाने दे, 
आज फिर से तेरा हो जाने को ये जी चाहता है, 

गम दिए हों लाख तूने मोहब्बत मे हमको, 
हर बार तूझी पे मर मिट जाने को जी चाहता है, 

कर ले तू इस दिल पे चाहे कितने भी सितम, 
हर बार तु ही मेरा सनम हो ये जी चाहता है, 

चल छोड़ भी दे अब सारे शिकवे शिकायत, 
तेरी एक हंसी पे कुर्बान होने को जी चाहता है, 

मुकद्दर में लिखे हों चाहे कैसे भी हालात, 
ताउम्र तेरा ही साथ पाने को ये जी चाहता है... 

#SwetaBarnwal 



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