Sunday, 2 December 2018

थोड़ी सी हंसी...

मेरे होंठों पर थोड़ी सी हंसी रहने दे
दिल में बचपन वाली खुशी तो रहने दे... 

जो चाहे वो सोचने दो दुनिया वालों को 
मुझमे थोड़ी सी नादानियां तो रहने दे... 

वक़्त की हर कसौटी पे मैं खरी उतरुं
थोड़ा सा बाकी मुझमे हौसला तो रहने दे...

यूँ धुंध मे खो गए हैं मेरे सभी अपने
उनके लौट आने का इंतजार तो रहने दे...

ख़ुद से ही हार बैठी हूँ आज मैं यहाँ,
एक बार फिर जीतने का भरोसा तो रहने दे...

हर कोई यहाँ अंधेरे का साथी है बना
मेरे दिमाग में बगावत की आंधी तो रहने दे...

मर चुके हैं यहाँ दिलों से एहसास सबके
मेरे दिल में बाकी थोड़ी सी कसक तो रहने दे...

सब ख़ामोश थे और लुट रहा था ये जहां
मेरे आँखों में उसकी थोड़ी सी दर्द तो रहने दे...

छीन ले आज भले ही सर से तु छत मेरे
पैरों के नीचे बाकी थोड़ी सी जमीं तो रहने दे...

#SwetaBarnwal



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