Sunday, 20 February 2022

चले आइए चाय पे....

 जब दिल करे आपका,

चले आइए चाय पे,


कुछ गुज़र गए हैं लम्हें,

उन्हें फिर से कैद कर लेंगे,

जी लेंगे फिर से उनको

जो मुट्ठी से फ़िसल गए हैं...


जब दिल करे आपका,

चले आइए चाय पे,


बातेँ कुछ अनकही कुछ अनसुनी सी,

रह गई थी जो दरमियाँ उसे आज कहेंगे,

आप शब्द बन जाना हम आवाज बनेंगे,

कुछ इस तरह हाल-ए-दिल बयां करेंगे,


जब दिल करे आपका,

चले आइए चाय पे,


आगे बढ़ने की होड़ में सब आगे निकल गए,

वक़्त की इस दौड़ में हम ज़रा पीछे ही रह गए,

ले आना साथ तुम अपने यादों की पोटली,

डाल जाना चंद लम्हे ख़ुशी के, कि खाली है मेरी झोली,


जब दिल करे आपका चले आइए चाय पे... 


#SWETABARNWAL



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