Sunday, 2 December 2018

थोड़ी सी हंसी...

मेरे होंठों पर थोड़ी सी हंसी रहने दे
दिल में बचपन वाली खुशी तो रहने दे... 

जो चाहे वो सोचने दो दुनिया वालों को 
मुझमे थोड़ी सी नादानियां तो रहने दे... 

वक़्त की हर कसौटी पे मैं खरी उतरुं
थोड़ा सा बाकी मुझमे हौसला तो रहने दे...

यूँ धुंध मे खो गए हैं मेरे सभी अपने
उनके लौट आने का इंतजार तो रहने दे...

ख़ुद से ही हार बैठी हूँ आज मैं यहाँ,
एक बार फिर जीतने का भरोसा तो रहने दे...

हर कोई यहाँ अंधेरे का साथी है बना
मेरे दिमाग में बगावत की आंधी तो रहने दे...

मर चुके हैं यहाँ दिलों से एहसास सबके
मेरे दिल में बाकी थोड़ी सी कसक तो रहने दे...

सब ख़ामोश थे और लुट रहा था ये जहां
मेरे आँखों में उसकी थोड़ी सी दर्द तो रहने दे...

छीन ले आज भले ही सर से तु छत मेरे
पैरों के नीचे बाकी थोड़ी सी जमीं तो रहने दे...

#SwetaBarnwal



अब बेवजह किसी बात पर
किसी से रूठ जाने की आदत ना रही
मालूम है कोई मनाने ना आयेगा
किसी से दिल लगाने की चाहत ना रही...

#SwetaBarnwal 
बेवजह रूठ जाने को दिल करता है
तुम आओ मनाने ऐसी चाहत रखता है...

#SwetaBarnwal 

Saturday, 1 December 2018

मुस्कान...

ये मुस्कान यारों
कमाल कर जाए
बड़ी ही अनमोल
धरोहर है ये
जिसके पास हो
उसे मालामाल कर जाए
पल में गैरों को
अपना कर जाए
हर दर्द की
दवा है ये
ऊपर वाले की
दुआ है ये
ये मुस्कान यारों
कमाल कर जाए
देने वाले का
कुछ नहीं जाता
लेने वाले को
खुशहाल कर जाए
हर असंभव को
संभव कर जाए
दर्द मे भी सबको
जीना सीखा जाए
तन्हाई में भी ये
कई रंग भर जाए
हर महफ़िल को
रंगीन कर जाए
ये मुस्कान यारों
कमाल कर जाए
जीने की सबको
नई राह दिखाए
मुश्किलों से ये
लड़ना सीखलाए
प्यार की ये
ज्योत जलाए
हर दिल को
अपना बना जाए
ये मुस्कान यारों
कमाल कर जाए
कभी किसी बच्चे की
हंसी में पलती है
कभी किसी बुजुर्ग की
दुआओं मे संवरती है
कभी गरीबी मे
उभर जाए
कभी अमीरी मे
निखर जाए
ये मुस्कान यारों
कमाल कर जाए
इसका ना कोई रंग है
ना रूप ना मजहब
ना उम्र की सीमा
ना जन्म का बंधन
ना कोई बंदिश
ना इसपे किसी का पहरा
ये मुस्कान यारों
कमाल कर जाए ...

#SwetaBarnwal


खुल कर मुस्कुरा... 😘

ऐ यार...!
तु एक बार खुल कर मुस्कुराना सीख ले,
हंस कर हर गम को गले लगाना सीख ले,
होंठों पर तु अपने हंसी सजाना सीख ले,
हर हालात से तु डट कर लड़ना सीख ले,

ऐ यार...!
जहाँ हंसी होती है वहां ज़िन्दगी होती है
माथे पर उसके सूरज का तेज होता है
कांधे पर उसके हौसलों की गठरी होती है
उसके इरादों मे जीत का जुनून होता है

ऐ यार...!
कौन है इस जहां मे जिसे गम ने छुआ नहीं
वो कौन है यहाँ जिसे वक़्त ने कभी लुटा नहीं
रख हौसला दिल में और चेहरे पर मुस्कान तु
जीतने के लिए इससे जरूरी सामान होता नहीं

ऐ यार...!
ज़िन्दगी से जब तू मिले तो मिलना उजाला बन
खिलखिलाती धूप बन बारिस की फुहार बन
जो भी तुझसे मिले बस तुझमें ही खो हो जाए
लाख गम हो सीने में चेहरे पे वो मुस्कान रख

ऐ यार...!

#SwetaBarnwal


चलो आज सब मिलकर
एक नई शुरुआत करते हैं,
खींच कर गमों की चादर
सबके चेहरे पर मुस्कान भरते हैं...

#SwetaBarnwal



Thursday, 29 November 2018

जब प्यार किसी से होता है...

ना रंग रूप की दीवार कोई
ना जात धर्म का बंधन कोई
ना दुनिया का जोर होता है
जब प्यार किसी से होता है...

ना उम्र की सीमा होती है,
ना पढ़े लिखे का भेद कोई
ना किसी की मर्ज़ी चलती है
जब प्यार किसी से होता है...

ना कोई स्वार्थ इसमे होता है,
ना रस्मों की दीवार कोई
ना जन्म का बंधन होता है
जब प्यार किसी से होता है...

ना कोई देश सरहद होता है 
ना ऊंच नीच का भेद कोई,
ना ही दूरी बाधा बनती है
जब प्यार किसी से होता है...

जब मन से मन मिल जाता है,
जब कोई दिल मे बस जाता है,
कुछ और नहीं भाता है हमको
जब प्यार किसी से होता है...

#SwetaBarnwal




ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...