मैं नारी हूँ...
कूदरत की सबसे
अनमोल किर्ति हूँ
मैं नारी हूँ...
कभी सराही जाती हूँ
तो कहीं पे छली जाती हूँ
कहीं पूजी जाती हूँ
तो कभी लूटी जाती हूँ
जीवन के हर मोड़ पे मैं
अपने औरत होने की सज़ा पाऊं
मैं नारी हूँ...
किसी को चाहूँ तो
आकाश की बुलंदी तक पहुंचा दूं
और जो गिरूं तो
किसी को भी गर्त में पहुंचा दूं
अच्छे अच्छों को धूल चटा दूं
मेरे आगे कोई टिक ना पाए
सबके दिलों में चाहूँ
एक छोटी सी जगह बनाना
मैं नारी हूँ...
अपने प्यार और चाहत से
घर को स्वर्ग बना दूं
हर एक की ज़िंदगी को
खुशियों से भर दूं
अपना सर्वस्व दूसरों पे
समर्पण कर दूं
ख़ुद से पहले हर बार
दूसरों का सोचूं
फ़िर क्यूँ हैं हम
इतने लाचार
मैं नारी हूँ...
घर परिवार की
ज़िम्मेदारी मैं संभालूं
बच्चों की परवरिश
पूरी लगन से करूं
फ़िर भी मेरा कोई
घर नहीं है
जिसने जन्म दिया
उनके लिए पराया धन
और जो ब्याह कर लाए
उनके लिए सगी हुई नहीं
जरूरत पड़ने पर
सबका सहारा भी बनती हूँ
फ़िर भी क्यूँ हूँ मैं बेसहारा
मैं नारी हूँ...
इस सृष्टि के सृजन का
आधार हूँ मैं
मर्द की कामयाबी के पीछे का
सार हूँ मैं
सबका साथ देती हूँ मैं
फ़िर भी चाहती हूँ मैं
तेरे मजबूत कंधों का सहारा
मैं नारी हूँ...
हमारी ना मे भी ना हो सकती है
समझदार हैं हम नादान ना समझो
हमारी कोख से जन्म लेकर
हमे ही शर्मसार करते हो
हमारे ऊपर अत्याचार करते हो
हमारी इज़्ज़त को तुम
तार तार करते हो
उसके लिए भी
हमे ही कुसूरवार समझते हो
ख़ुद को तुम
हमारा भगवान समझते हो
इतने पे भी
मैं अब तक ख़ामोश हूँ
मैं नारी हूँ...
#SwetaBarnwal
कूदरत की सबसे
अनमोल किर्ति हूँ
मैं नारी हूँ...
कभी सराही जाती हूँ
तो कहीं पे छली जाती हूँ
कहीं पूजी जाती हूँ
तो कभी लूटी जाती हूँ
जीवन के हर मोड़ पे मैं
अपने औरत होने की सज़ा पाऊं
मैं नारी हूँ...
किसी को चाहूँ तो
आकाश की बुलंदी तक पहुंचा दूं
और जो गिरूं तो
किसी को भी गर्त में पहुंचा दूं
अच्छे अच्छों को धूल चटा दूं
मेरे आगे कोई टिक ना पाए
सबके दिलों में चाहूँ
एक छोटी सी जगह बनाना
मैं नारी हूँ...
अपने प्यार और चाहत से
घर को स्वर्ग बना दूं
हर एक की ज़िंदगी को
खुशियों से भर दूं
अपना सर्वस्व दूसरों पे
समर्पण कर दूं
ख़ुद से पहले हर बार
दूसरों का सोचूं
फ़िर क्यूँ हैं हम
इतने लाचार
मैं नारी हूँ...
घर परिवार की
ज़िम्मेदारी मैं संभालूं
बच्चों की परवरिश
पूरी लगन से करूं
फ़िर भी मेरा कोई
घर नहीं है
जिसने जन्म दिया
उनके लिए पराया धन
और जो ब्याह कर लाए
उनके लिए सगी हुई नहीं
जरूरत पड़ने पर
सबका सहारा भी बनती हूँ
फ़िर भी क्यूँ हूँ मैं बेसहारा
मैं नारी हूँ...
इस सृष्टि के सृजन का
आधार हूँ मैं
मर्द की कामयाबी के पीछे का
सार हूँ मैं
सबका साथ देती हूँ मैं
फ़िर भी चाहती हूँ मैं
तेरे मजबूत कंधों का सहारा
मैं नारी हूँ...
हमारी ना मे भी ना हो सकती है
समझदार हैं हम नादान ना समझो
हमारी कोख से जन्म लेकर
हमे ही शर्मसार करते हो
हमारे ऊपर अत्याचार करते हो
हमारी इज़्ज़त को तुम
तार तार करते हो
उसके लिए भी
हमे ही कुसूरवार समझते हो
ख़ुद को तुम
हमारा भगवान समझते हो
इतने पे भी
मैं अब तक ख़ामोश हूँ
मैं नारी हूँ...
#SwetaBarnwal