Wednesday, 29 May 2019

माँ... 🙏🏼

माँ बस एक शब्द नहीं है
दुनिया का ये सार है
इसके आँचल मे छुपा
ये सारा संसार है

इस जहाँ या उस जहांँ
अंतहीन विस्तार है माँ
उसकी लोरी मे छुपा
जहां का असीमित प्यार है

बच्चे को हर तकलीफ़ से
बचा ले वो दीवार है माँ
ऐसा कोई है ना होगा
कोमल मधुर एहसास है माँ,

जितना छोटा शब्द है माँ,
उतना ही विस्तृत प्यार है माँ,
रख नौ महीने कोख में सन्तान को,
लहू से अपने सिंचती है माँ,
अपने सन्तान के जीवन के ख़ातिर,
विधाता से भी लड़ जाए माँ,
हर रिश्ते से अनोखा जग में,
ब्रह्मा का अनुपम वरदान है माँ,


माँ के होठों पर कभी बद्दुआ नहीं होती,
क्यूंकि माँ कभी ख़फ़ा नहीं होती,
उसकी दुआओं में है कुदरत की मेहर,
जो पा ले उसपे टूटे ना कोई कहर,

जब कभी गुस्सा होती है माँ,
आसुओं में अपने दर्द पिरोती है माँ,
भूल कर अपनी सारे ग़म ओ ख़ुशी,
संतान के लिए सुनहरे भविष्य संजोती है माँ,

माँ बस एक लफ्ज़ नहीं
जननी है वो इस जगत की
कूदरत भी तरसे पाने को जिसकी गोद,
ऐसा वो असीमित संसार है माँ,

बंशी की मीठी तान है माँ
लहरों की झंकार है माँ
काली भी है शेरावाली भी है
स्वयं दुर्गा का अवतार है माँ,

ममता और दया की मूर्ति है
विधाता का अनोखा वरदान है माँ,
उसके बिना सृष्टि का आधार नहीं,
धरा पर उस विधाता का अवतार है माँ,

ब्रह्मा भी वो और विष्णु भी वो
स्वयं महाकाल का स्वरुप है माँ,
पड़े जो विपदा संतान पर कभी
स्वयं काल से भी लड़ जाये माँ...

#SwetaBarnwal 

माँ..! बेटी हूँ मैं तेरी, बेटी होने की कब तक सज़ा पाऊँ मैं...

जब से जन्म लिया मैंने
पराया धन होने का दंश मिला
नही बढ़ा सकती मैं कुल को
इसका ही बस तंज मिला

माँ..! बेटी हूँ मैं तेरी
बेटी होने की कब तक सज़ा पाऊँ मैं...

इसको ही मान कर अपनी किस्मत
सबके हर फैसले के सामने सर झुकाया मैंने
हाथों की लकीरों को बस
यूँ ही हर पल झुठलाया मैंने

माँ..! बेटी हूँ मैं तेरी
बेटी होने की कब तक सज़ा पाऊँ मैं...

ना शिक्षा का अधिकार मिला
ना ही बेटों जैसा प्यार मिला
ना जीने का अधिकार मिला
ना ही मेरे सपनों को परवान मिला

माँ..! बेटी हूँ मैं तेरी
बेटी होने की कब तक सज़ा पाऊँ मैं...

ना तेरी कोख में मैं सुरक्षित हूँ
ना तेरे आँचल की मुझको छाँव मिली
ना दुनिया ने ही मुझको अपनाया
ना जालिम नज़रों से मैं बच पाई

माँ..! बेटी हूँ मैं तेरी
बेटी होने की कब तक सज़ा पाऊँ मैं...

उठी जो एक दिन डोली मेरी
उठी अर्थी अरमानों की
हर पल रंग बदलती दुनिया में
किस किस से ख़ुद को बचाऊँ मैं

माँ..! बेटी हूँ मैं तेरी
बेटी होने की कब तक सज़ा पाऊँ मैं...

कब तक अश्क बहाऊं मैं
आख़र किस ग़लती की सज़ा पाऊं मैं
इन मतलबी रिश्तों का हाथ थामे
आख़िर कितनी दूर जाऊं मैं

माँ..! बेटी हूँ मैं तेरी
बेटी होने की कब तक सज़ा पाऊँ मैं...

चूर हो गए हैं सारे ख्वाब मेरे
आख़िर किसको ये बतलाऊं मैं
ओछी नज़रों से देखते हैं जो मुझको
कैसे ख़ुद को उनसे अब बचाऊँ मैं

माँ..! बेटी हूँ मैं तेरी
बेटी होने की कब तक सज़ा पाऊँ मैं...

आँखें बन्द कर देखते हैं सब मेरे जज़्बातों को
कहाँ से उनमें इंसानियत लाऊं मैं
जो सिर्फ़ नारी देह समझते हैं मुझको
कहाँ से उनके दिल में प्यार जगाउं मैं

माँ..! बेटी हूँ मैं तेरी
बेटी होने की कब तक सज़ा पाऊँ मैं...

इन पथराई हुई आँखों से
देखती रहती हूँ मैं हर पल चहूं ओर
कोई तो ऐसा होगा इस जहाँ में
जो बढ़ाएगा प्यार से हाथ हमारी ओर

माँ..! बेटी हूँ मैं तेरी
बेटी होने की कब तक सज़ा पाऊँ मैं...

पराई थी पराई हूँ मैं
इस बात को ख़ुद से कैसे छुपाऊँ मैं
माँ..! बेटी हूँ मैं तेरी
बेटी होने की कब तक सज़ा पाऊँ मैं...


#SwetaBarnwal



पापा...

यूँ तो ज़िन्दगी ने हमें कई रिश्ते हैं दिए
कुछ साथ चले तो कुछ पल भर में ही छूट गए
कुछ बनते बनते टूट गए कुछ बेवजह ही रूठ गए
पर जो रिश्ता आजीवन साथ रहा वो थे पापा

बातों मे सख्त पर दिल के बड़े ही नर्म होते हैं
हर मुसीबत में अपने बच्चो का ये साथ निभाते हैं
यूँ तो हर कोई अपने कही बात से मुकर जाता है
पर जो बिन कहे सारे अरमां पूरे कर जाते वो थे पापा

जो हर मुश्किल राह में अपने बच्चों का हौसला बढ़ाते हैं
हर पग पर दुनियादारी की समझ कराते हैं
जो ख़ुद ना कभी झुकते हैं और ना बच्चों को रुकने देते हैं
जो ख़ुद जल कर मार्ग प्रशस्त करते हैं वो थे पापा

कम आमदनी मे भी हमारी हर ख्वाहिश करते हैं पूरी
हर ख्वाब हमारे जादूगर के जैसे चुटकी में वो कर जाते हैं पूरे
ना कभी दिन देखा उन्होंने और ना ही देखी कभी रात
हमारे सपनों के लिए ख़ुद को भी नीलाम किया वो थे पापा

दुख की कड़ी धूप हर बार ख़ुद अकेले ही झेली है
सुख की ठंढ़ी छाँव में सदा हमे है सुलाया
अपनी सख्त आवाज के पीछे अपना प्यार छुपाते हैं
हमारी जरूरतों के लिए ख़ुद को बेच देते हैं वो थे पापा...

Thursday, 23 May 2019

2109 चुनावी परिणाम...

लो एक बार फिर से मोदी सरकार है आई
दिन रात की मेहनत से ये सफलता है कमाई
यूँ ही शौखिया विदेशी दौरे पर नहीं जाते थे
बड़ी ही दुरुस्त विदेशी नीति इन्होने बनाई
जातिवाद और वंशवाद से कहीं ऊपर उठकर
2019 मे फ़िर से भाजपा की सरकार आई
ना धर्म की लड़ाई लड़ी और ना आरक्षण की
बस विकास का मंज़र देशवासियों को दिखाया
ना देश को झुकने दिया ना फौज़ीयों को मरने दिया
पाकिस्तान को उसके ही घर में औकात दिखाई
बड़ी ही जतन से उन्होने ये इज़्ज़त है पाई
नही कोई खैरात मे ये जीत उनके हिस्से है आई
ना सरकारी खर्चे पर अपने परिवार को दुनिया घुमाया
ना ही भारत की राजनीति को अपनी वसीयत बनाई
मोदी हटाओ अभियान में सारे कुत्ते बिल्ली एक हो गए
इस पर भी हर जगह मोदी लहर ही है छाई
विपक्ष की काली करतूतों ने उसका पत्ता साफ किया
जनता ने एक बार फिर मोदी जी की सरकार बनाई
इनके लिए पूरा हिंदुस्तान ही इनका परिवार है
मोदी बस एक नाम नहीं अपितु एक सोच है
जो बदल सकता है भारत का आने वाला कल
रख सकता है वो एक नए हिंदुस्तान की नींव
मोदी एक आवाज़ है बर्षों से सोई हुई आवाम की
मोदी एक पहचान है नए भारत वर्ष की
यूँ ही नहीं उन्होने ये प्रचंड कामयाबी है पाई
बड़ी मुसीबतों का सामना कर जनता के दिल में जगह बनाई
सालों के बाद भारत में ऐसी कोई सरकार है आई
जिसने जनता के वोट पे ही नहीं दिलों में भी जगह बनाई...

#SwetaBarnwal 

Tuesday, 21 May 2019

एक बार फिर मोदी सरकार...

आओ मिलकर एक भारत नया बनाएंगे
हम फ़िर से मोदी जी को ही लाएंगे
टूट जाने दो अब सारी ज़ंजिर
बन रही है भारत की नई तस्वीर
नया दौर है नया है भारत
लिखेंगे मिल कर हम नई तकदीर
बदल रहा है देखो आज भारत अपना
पूरे होने को है अब अपना हर सपना
आओ मिलकर एक भारत नया बनाएंगे
हम फ़िर से मोदी जी को ही लाएंगे
विश्व शक्ति के रूप में एक बार फ़िर से
भारत को पहचान दिलायी
पाकिस्तान को उनके ही घर में जाकर
उनको उनकी औकात दिखाई
अमेरिका और रूस को अपना दोस्त बनाया
इस्लामिक देशों को अपने आगे झुकाया
हिंदुस्तान ही नहीं पूरे विश्व में
हिन्दुत्व की पुनर्स्थापना कराई
ऐसे सेवक को हम फ़िर से लाएंगे
आओ मिलकर एक भारत नया बनाएंगे
हम फ़िर से मोदी जी को ही लाएंगे
ना कभी खाया ना किसी को खाने दिया
रात भर जागा और देश के लिए किया
आतंकवादियों को जड़ से उखाड़ा
घोटालों और भ्रष्टाचार पे लगाई लगाम
ऐसे चौकीदार को हम फ़िर से लाएंगे
आओ मिलकर एक भारत नया बनाएंगे
हम फ़िर से मोदी जी को ही लाएंगे

#SwetaBarnwal



Thursday, 9 May 2019

मस्तमौला...

चलती रही मैं अपनी धुन में
कभी पलट कर नहीं देखा
जो भी किया दिल से किया
कभी अपना फायदा नहीं देखा
ठोकरों में रखा जमाने को अपने
कभी दुनियादारी नही देखा
अपने मन की चली हर चाल
कभी दुनिया का कायदा नहीं देखा

#SwetaBarnwal

Tuesday, 7 May 2019

समय...

अब तक की ज़िंदगी में आपने
बहुत कुछ पाया होगा
तो बहुत कुछ खोया होगा
किसी को ठुकराया होगा
तो किसी को गले लगाया होगा
किसी को कभी सताया होगा
तो किसी को मनाया भी होगा
किसी के आँसुओं की वजह बने होगे
तो किसी को कभी हंसाया भी होगा
कभी खुशी तो कभी दर्द हिस्से में आया होगा
किए होंगे मन चाहे काम कई बार
तो कभी प्रभु इक्षा को ही अपनाया होगा
कभी जीत का परचम लहराया होगा
नए अनुभवओं से गलतियों को सहलाया होगा
शायद छीन ली हो किस्मत ने
आपसे आपकी प्यारी चीज कोई
पर कहीं किसी मोड़ पर
नई अनमोल चीज से जरूर मिलाया होगा
आप भले ही ना बदले हों ज़िंदगी की दौड़ में
पर आपका कोई ना कोई अंदाज़ तो बदला होगा
अपनी खुशियों को सबके साथ बांटा होगा
हर गम को अकेले ही गले लगाया होगा
कभी ना कभी तो सपनो पे कला साया मंडराया होगा
भीड़ में रहकर भी तन्हाई का दामन थामा होगा
गुज़र रहा है ये वक़्त वो सारे बीते पल समेट कर
जिस पर आपने कभी अपना हक़ जताया होगा
जी भर कर जी लो ये जो #आज जा रहा है
लाख कर लो जतन ये #समय लौट कर नहीं आएगा, 
समेट लो हर इक लम्हें को, ना फिर ये दौर आएगा, 
यादों के पंख लगा ये वक़्त कहीं उड़ जाएगा... 


#SwetaBarnwal



ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...