Thursday, 1 November 2018

ऐ माँ...! 🙏

ऐ माँ ...!
बस इतनी सी मेरी अरज़ सुन ले,
मन में भक्ति भाव बसर कर दे,
हो जीवन में खुशियों का डेरा
छाए ना कभी घनघोर अंधेरा
ऐ माँ ...!
चाहूँ ना कभी कोई बंग्ला अटारी
बस छोटा सा अपना घर कर दे
हो हर पल जहां प्यार का बसेरा
मुस्कुराहटों से हो हर रोज सवेरा
ऐ माँ ...!
ना हो मन में कोई दुर्भावना बसर
बस इतनी सी माँ तू मेहर कर दे
हर बुराइ से मैं सदा दूर रहूँ
दिल में मेरे प्रेम की ज्योत जला दे
ऐ माँ ...!

#SwetaBarnwal





No comments:

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...