Friday, 16 November 2018

वक़्त की महत्ता...

वक़्त का पहिया चलता है,
चलता है ये चलता है
कभी ना ये फिर रुकता है
चलता है ये चलता है

सबसे ये कुछ कहता है
किसी की ना ये सुनता है
वक़्त किसी का हुआ ना अब तक
ना पीछे कभी ये मुड़ता है,

साथ इसके चल सके जो तुम
दुनिया तेरी गुलाम हो
अपनी धुन में चलता है ये
किसी की ना इसको परवाह है

वक़्त वक़्त की बात है प्यारे
वक़्त कभी ऐसा भी वक़्त दिखाता है
अच्छे अच्छों की चाल पलट दे
ये एक ऐसी सीख सिखाता है

वक़्त से आगे कोई चल ना पाया
ऐसी वायु सी तीव्र इसकी चाल है
वक़्त पे जो ना चले रे भइया
मुह की वो हरदम खाता है

इस दुनिया में ऐसा कोई नहीं रे प्यारे
जो इस वक़्त से आज़ाद हो
सूरज, चंदा, धरती और तारे
सारे वक़्त के ही मोहताज़ है

वक़्त की मार से कोई बच ना पाया
कुछ टेढ़ी इसकी चाल है
जिसने भी की है कद्र वक़्त की
उसने ही इस जग में पाया सम्मान है

वक़्त का पहिया चलता है,
चलता है ये चलता है
कभी ना ये फिर रुकता है
चलता है ये चलता है...

#SwetaBarnwal


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