मेरी हंसी के पीछे के हर दर्द को
वो पहचान जाता है,
वो शख्स मुझे कितना समझता है
जो हर मर्म को जान जाता है
कहते नहीं है कुछ भी लब मेरे
और एक वो है जो बिन कहे भी
सबकुछ जान जाता है
जो छुपा रखा है ख़ुद से भी मैंने
उन बातों को भी वो जान जाता है
मेरे मुस्कान के पीछे छुपे
आंसुओं को पहचान जाता है
वो शख्स हर हाल में
मेरी उदासी के सबब को जान जाता है
दिल की आरज़ू है वो मेरी
या फिर है वो मेरा हम साया
हर बार मुझसे पहले ही वो
मेरे जज़्बातों को थाम लेता है...
#SwetaBarnwal
वो पहचान जाता है,
वो शख्स मुझे कितना समझता है
जो हर मर्म को जान जाता है
कहते नहीं है कुछ भी लब मेरे
और एक वो है जो बिन कहे भी
सबकुछ जान जाता है
जो छुपा रखा है ख़ुद से भी मैंने
उन बातों को भी वो जान जाता है
मेरे मुस्कान के पीछे छुपे
आंसुओं को पहचान जाता है
वो शख्स हर हाल में
मेरी उदासी के सबब को जान जाता है
दिल की आरज़ू है वो मेरी
या फिर है वो मेरा हम साया
हर बार मुझसे पहले ही वो
मेरे जज़्बातों को थाम लेता है...
#SwetaBarnwal
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