तुम्हारा इस कदर पहली बार मिलना,
हमारे इश्क का पहला पैगाम था!
हमारे इश्क का पहला पैगाम था!
तुमको देखकर इस कदर दिल का धड़कना,
तुमको देखकर साँसों का तेजी से चलना,
तुम्हारी सजरी जवानी का पैगाम था !
तुमको देखकर साँसों का तेजी से चलना,
तुम्हारी सजरी जवानी का पैगाम था !
तुम्हारी पैरों के पाजेब की छनक, हाथों के खनकते कंगन,
तुम्हारे मेरे पास होने का एहसास कराते हैं !
तुम्हारे मेरे पास होने का एहसास कराते हैं !
तुम्हारे माथे का कुमकुम वो मेरी है, ये भरोसा दिलाते हैं !
जब तुम मेरी लम्बी उम्र के लिए,
निर्जला रहकर तीज का व्रत रखती है,
तो सच कहता हूँ #स्वेता तुम बहुत प्यारी लगती हो !
निर्जला रहकर तीज का व्रत रखती है,
तो सच कहता हूँ #स्वेता तुम बहुत प्यारी लगती हो !
ऑफिस में जाकर वो काम करती है,
और घर पर जाकर बच्चों का ख्याल रख माँ का धर्म निभाती है
और घर पर जाकर बच्चों का ख्याल रख माँ का धर्म निभाती है
जानता हूँ जीवन के हर सुख-दुख में तुम मेरी जीवनसाथी हो ,
खुद कितनी भी परेशान क्यों न हो
खुद कितनी भी परेशान क्यों न हो
अपनी परेशानी का एहसास तक नहीं दिलाती हो !
अपनी हर ख्वाहिश को मेरे परिवार के लिए, बलि चढा़ देती हो !
सच तुम क्यों हमेशा इतनी अच्छी होती हो !
अगर मेरे आँखो में आ जाए आँसू,
तो तुम अपने पलकों पे सजा देती हो !
#स्वेता आज बस इतना जान लो,
जो कभी कह ना सका उसे आज मान लो।
मेरी ज़िन्दगी हो तुम, मेरे दिल का अरमान हो तुम
बस इतना समझ लो, मैं जिस्म और मेरी जान हो तुम।
#SwetaBarnwal
तो तुम अपने पलकों पे सजा देती हो !
#स्वेता आज बस इतना जान लो,
जो कभी कह ना सका उसे आज मान लो।
मेरी ज़िन्दगी हो तुम, मेरे दिल का अरमान हो तुम
बस इतना समझ लो, मैं जिस्म और मेरी जान हो तुम।
#SwetaBarnwal
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