Tuesday, 21 November 2017

जीवन दायिनी : नारी

कोमल है कमज़ोर नहीं तु, 
निर्मल है मजबूर नहीं तु |
तु शक्ति स्वरूपा नारी है, 
मौत भी तुझसे हारी है |
जग को जीवन देने वाली, 
तु प्रेम सुधा रस बरसाने वाली |
तूने अपनी साँसे वारी है, 
तुझसे ये जग की फुलवारी है |
नारी तु नारायणी है, 
तीनो लोको की तु स्वामिनी है |
हर रूप में तु वंदनीय है, 
मातृ रूप तेरा अभिनन्दिनीय है |

<SwetaPrakash>
#SwetaBarnwal

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