माँ की आँखों का तारा होते हैं ये बेटे,
बुढ़ापे की लाठी और आँखों की रौशनी होते हैं ये बेटे,
वंश बेल को बढ़ाने वाले होते हैं ये बेटे,
विदा हो जाए जब बेटियाँ तो साथ होते हैं ये बेटे,
माँ-बाप की गाली मे भी प्यार छुपा होता है,
बीवी के तकरार मे भी अधिकार छुपा होता है,
बस एक गुज़ारिश करती है #श्वेता,
बेटा होने का अभिमान ना करना,
इस दंभ मे कभी भी तुम,
किसी नारी का अपमान ना करना...।
#श्वेताबर्णवाल
बुढ़ापे की लाठी और आँखों की रौशनी होते हैं ये बेटे,
वंश बेल को बढ़ाने वाले होते हैं ये बेटे,
विदा हो जाए जब बेटियाँ तो साथ होते हैं ये बेटे,
माँ-बाप की गाली मे भी प्यार छुपा होता है,
बीवी के तकरार मे भी अधिकार छुपा होता है,
बस एक गुज़ारिश करती है #श्वेता,
बेटा होने का अभिमान ना करना,
इस दंभ मे कभी भी तुम,
किसी नारी का अपमान ना करना...।
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