Monday, 27 November 2017

बर्बाद ना कर

ज़िन्दगी को जीने की कोशिश कर,
उसे समझने में बर्बाद ना कर... ।

जो नहीं लिखा है किस्मत में तेरे,
उसको पाने मे जीवन बर्बाद ना कर... ।

बदलते वक़्त के साथ खुद को बदल ले,
वक़्त बदलने मे वक़्त बर्बाद ना कर... ।

दिल खोल कर हंस लिया कर कभी,
अंदर ही घूंट कर खुद को बर्बाद ना कर... ।

कुछ बातों को छोड़ दे किस्मत पर,
सब सुलझाने मे सब बर्बाद ना कर... ।

दो पल की है ज़िंदगी,  मुस्कुरा के जी ले,
परेशानियों मे रो-रो कर इसे बर्बाद ना कर... ।

कल जो बीत गया और कल जो आएगा,
उसके ख़ातिर अपने आज को तु बर्बाद ना कर...।

#SwetaBarnwal 

3 comments:

Prakash Chandra said...

zindagi ka sahi chitran, shabdon mein.....
shandar, zabardast, zindabad

Unknown said...

Zabardast

Unknown said...

Zabardast

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...