यह सच है कि
आ गई है हमारे बीच कुछ दूरियाँ,
पर यह भी सच है कि
तेरे हिस्से का लम्हां आज भी तन्हा गुज़रता है....
#SwetaBarnwal
आ गई है हमारे बीच कुछ दूरियाँ,
पर यह भी सच है कि
तेरे हिस्से का लम्हां आज भी तन्हा गुज़रता है....
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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